आचार्य श्री वर्धमानसागर जी महाराज की कर कमलों से हुई आर्यिका दीक्षानूतन नाम आर्यिका 105 श्री जिनेशमति हुआ
आचार्य श्री वर्धमानसागर जी महाराज की कर कमलों से हुई आर्यिका दीक्षानूतन नाम आर्यिका 105 श्री जिनेशमति हुआ पारसोला प्रथमाचार्य चारित्र चक्रवती आचार्य श्री 108शांतिसागरजी महाराज की अक्षुण्ण मूल बाल ब्रह्मचारी पट्ट परम्परा के पंचम पट्टाधीश वात्सल्य वारिधि आचार्य श्री वर्धमान सागर जी वर्ष 2024 का वर्षायोग पारसोला में सम्पन्न हुआ है। आचार्य श्री पारसोला […]
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