आगम अनुसार वचन ही सत्य धर्म है सत्य आत्मा के हित में होता है आचार्य श्री वर्धमान सागर जी       

आगम अनुसार वचन ही सत्य धर्म है सत्य आत्मा के हित में होता है आचार्य श्री वर्धमान सागर जी                                          टोक प्रतिदिन धर्म के 10 अंगों की विवेचना हो रही है चार कषाय क्रोध, मान ,माया, लोभ […]

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