अमृत वही है जहां मृत्यु नहीं है, अमृत वही है जहां सुधा तृषा की वेदना नहीं है। साक्ष्य सागर महाराज

अमृत वही है जहां मृत्यु नहीं है, अमृत वही है जहां सुधा तृषा की वेदना नहीं है। साक्ष्य सागर महाराज आगरा श्री पार्श्वधाम, रकाबगंज छीपीटोला, आगरा में आज जैन पयुर्षण पर्व के पहले दिन पहले दिन उत्तम क्षमा के रूप में मनाया गया।         आचार्य श्री विशुद्ध सागर जी महाराज के परम् […]

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