अन्तर्मना उवाच* (29 मार्च!)आत्म विश्वास ही सबसे बड़ी सुरक्षा है और अविश्वास सबसे बड़ी असुरक्षा..!
अन्तर्मना उवाच* (29 मार्च!)आत्म विश्वास ही सबसे बड़ी सुरक्षा है और अविश्वास सबसे बड़ी असुरक्षा..! इस एहसास को अपने जहन में भर लें कि हम अकेले आये हैं और अकेले ही जायेंगे। *आपकी ज़िन्दगी ही आपका सफर है,, यदि इस सफर में आप अपनों के साथ चलने की उम्मीद करते हैं या रखते हैं, […]
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