अन्तर्मना उवाच* (25 मार्च)*प्रेम, सेवा, करूणा, भक्ति से भरी प्रार्थनाएं..*जीवन के सभी बन्धनों से मुक्त करने की सामर्थ्य रखते हैं..!*
*अन्तर्मना उवाच* (25 मार्च)*प्रेम, सेवा, करूणा, भक्ति से भरी प्रार्थनाएं..*जीवन के सभी बन्धनों से मुक्त करने की सामर्थ्य रखते हैं..!* *प्रेम, सेवा, करूणा, भक्ति से भरी प्रार्थनाएं..* *जीवन के सभी बन्धनों से मुक्त करने की सामर्थ्य रखते हैं..!*जीवन का उद्देश्य सभी जीवों के प्रति प्रेम, सहयोग की भावनाओं को विकसित करने का होना चाहिए। *जीव […]
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