अन्तर्मना उवाच* (13 फरवरी!) अपना समय पागलपन में नहीं, अब तो परम हंस बनने में लगाओ.. प्रसन्न सागर महाराज 

अन्तर्मना उवाच* (13 फरवरी!) अपना समय पागलपन में नहीं, अब तो परम हंस बनने में लगाओ.. प्रसन्न सागर महाराज  अपना समय पागलपन में नहीं, अब तो परम हंस बनने में लगाओ.. *क्योंकि आज के रिश्ते और रिश्तेदार स्वार्थ और पैसों से चल रहे हैं..!       सबसे ज्यादा समझदार कहलाने वाला इंसान, सबसे ज्यादा […]

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