अन्तर्मना उवाच* (11 मार्च)स्वार्थ का प्रभाव अक्सर जीवन को स्वभाव में ले आता है..!*

*अन्तर्मना उवाच* (11 मार्च)स्वार्थ का प्रभाव अक्सर जीवन को स्वभाव में ले आता है..!* *स्वार्थ का प्रभाव अक्सर जीवन को स्वभाव में ले आता है..!* स्वार्थ शब्द द्वि अर्थक है – *दुनिया स्वार्थ का मतलब अपना काम निकालना समझती है और धर्म का अर्थ स्वार्थ और स्वार्थ का अर्थ आत्मार्थ।* सही अर्थो में धर्म का […]

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