अन्तर्मना उवाच* (05 मार्च!)बहुत आसान है ज़मीं पर घर-मकान, आलीशान बंगला बना लेना.. अपनों के दिल में जगह बनाने में जिन्दगी गुजर जाती है..!*

अन्तर्मना उवाच* (05 मार्च!)बहुत आसान है ज़मीं पर घर-मकान, आलीशान बंगला बना लेना.. अपनों के दिल में जगह बनाने में जिन्दगी गुजर जाती है..!* एक समय था – *जब घर का मुखिया घर जाता, तो घर में सन्नाटा सा हो जाता था।* सारा घर काँप जाता था, तब घर में इतना दब-दबा था। पर *आज […]

Read More