अन्तर्मना उवाच मातृ दिवस वशेष

अन्तर्मना उवाच मातृ दिवस विशेष  *नौ घन्टे–पाँच किलो का पत्थर, पेट पर बाँध कर रखो तो पता चल जायेगा ” माँ ” क्या होती है।* 🔸 माँ–का मिलना भाग्य है। 🔸 सुशिक्षित माँ का मिलना सौभाग्य है। 🔸 सुसंस्कारित माँ का मिलना अहो भाग्य है। 🔸 शोभा माँ और पन्ना माँ जैसी माँ का मिलना […]

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