मन,वचन, काय से सच्चे गुरु और प्रभु को गुरु को जिसने भी अपना आदर्श बनाया है,वह अटक भटक नही सकता अजित सागर महाराज

मन,वचन, काय से सच्चे गुरु और प्रभु को गुरु को जिसने भी अपना आदर्श बनाया है,वह अटक भटक नही सकता अजित सागर महाराज सागर पूज्य मुनि श्री 108 सागर महाराज ने अजित सागर महाराज ने भाग्योदय तीर्थ सागर में अपने उद्बोधन में गुरु की महिमा को बताते हुए कहा कि मन,वचन, काय से सच्चे गुरु […]

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