अँधेरे से नहीं — अँधेरे में रखने वालों से बचिये..अन्तर्मना प्रसन्न सागरजी महाराज
अँधेरे से नहीं — अँधेरे में रखने वालों से बचिये..अन्तर्मना प्रसन्न सागरजी महाराज कुलचाराम हैदराबाद मनुष्य – जितना आधुनिक सुख सुविधाओं में जीवन जी रहा है, वह उतना ही बनावटी और कृत्रिम जीवन जीने का ढोंग रच रहा है। सब कुछ बनावटीपन का है। — सफेद बाल पर काला रंग, शरीर की गन्ध […]
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