शिव की प्राप्ति अशिव के त्यागने के बगेर नहीं मिल सकती आर्यिका विज्ञाश्री

धर्म

शिव की प्राप्ति अशिव के त्यागने के बगेर नहीं मिल सकती आर्यिका विज्ञाश्री
निवाई
श्रीशांतिनाथ दिगम्बर अग्रवाल जैन मंदिर निवाई में भारत गौरव आर्यिका रत्न 105 विज्ञा श्री माताजी के सान्निध्य में चल रहे 48 दिवसीय जिनसहस्रनाम विधान में आज प्रातः अभिषेक, शांतिधारा, अष्टद्रव्यों से पूजा के बाद विधान मंडल की पूजा हुई। जैन समाज के मीडिया प्रवक्ता राजाबाबू गोधा ने अवगत कराया कि कार्यक्रम में हनुमान सहाय हेमराज जैन शिवाड़ परिवार ने पूजा अर्चना कर पुण्यार्जन प्राप्त किया, कार्यक्रम में आर्यिका श्री ने भरी धर्म सभा में श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि मानव आदि से अब तक बारम्बार पुनः जन्म ले रहा है जब उसे अपनी अवस्था का आभास होता है तो वह मुक्ति का

 

 

अभिलाषी हो जाता है स्वयं के ऊपर उठकर वह संसार सागर से तरने का प्रयत्न करता है और संसार सागर से पार करने के लिए व्यसन तो छोड़ने ही होगे , शिव की प्राप्ति अशिव के त्यागने के बगेर नहीं मिल सकती अशिव को त्यागकर दुर्व्यसन को त्यागकर जब हम संसार रूपी नदी को पार करने का प्रयत्न करते हैं, इंद्रियों को वश में करने का दुष्कर प्रयत्न भी करते हैं, तो इस स्थिति में मानव स्वयं का मित्र है अन्यथा अपनी आत्मा को अधोगति में पहुंचाकर वह स्वयं का शत्रु ही है | गोधा ने बताया कि आगामी 21 अगस्त 2022 रविवार को बालिका‌ सेमिनार का कार्यक्रम होगा बालिकाओं को शिक्षाप्रद बातें बताई जायेगी अतः इस सेमिनार मैं अपनी अपनी बालिकाओं भेज कर उन्हें संस्कारवान बनाए।
संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमडी

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