अकलंक शोध संस्थान द्वारा आयोजित हुई दो दिवसीय राष्ट्रीय प्राकृतिक संगोष्ठी प्राकृत भाषा को अपने और प्रोत्साहित करने का किया आह्वान

अकलंक शोध संस्थान द्वारा आयोजित हुई दो दिवसीय राष्ट्रीय प्राकृत संगोष्ठी प्राकृत भाषा को अपने और प्रोत्साहित करने का किया आह्वान कोटा अकलंक शोध संस्थान की ओर से आयोजित दो दिवसीय अखिल भारतीय प्राकृत संगोष्ठी में जैन धर्मावलंबियों ने हड़प्पा काल से प्रचलित प्राकृत भाषा को अपनाने और प्रोत्साहित करने पर जोर दिया।   अकलंक […]

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