स्मृतियों के झरोखे से: जब एक प्रसिद्ध तांत्रिक भी आचार्य श्री की आत्मशक्ति के आगे नतमस्तक हो गया

स्मृतियों के झरोखे से: जब एक प्रसिद्ध तांत्रिक भी आचार्य श्री की आत्मशक्ति के आगे नतमस्तक हो गया रामटेक (1993)। यह वह दौर था जब परम पूज्य आचार्य श्री 108 विद्यासागर जी महाराज का चातुर्मास रामटेक में चल रहा था। देशभर से राजनेता, उद्योगपति, प्रशासनिक अधिकारी और विभिन्न क्षेत्रों के प्रतिष्ठित लोग उनके दर्शन एवं […]

Read More