सामुदायिक परिवार की संस्कृति श्रेष्ठ संस्कृति आचार्य श्री 108 सुबल सागर जी महाराज

सामुदायिक परिवार की संस्कृति श्रेष्ठ संस्कृति आचार्य श्री 108 सुबल सागर जी महाराज चडीगढ़ दिगम्बर जैन मंदिर में विराजमान आचार्य श्री सुबलसागर जी महाराज ने धर्मसभा को संबोधित करते हुआ कहा कि हे ज्ञानी आत्माओं !चिंता चिता के समान है जिस व्यक्ति को चिंता रूपी रोग लग जाता है वह व्यक्ति जिंदा रहते हुए भी […]

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