समाज की बागडोर कभीभोगी व्यक्ति के हाथ में नहीं देना विशुद्धसागर महाराज
समाज की बागडोर कभीभोगी व्यक्ति के हाथ में नहीं देना विशुद्धसागर महाराज हिरनई”जीवन की त्रैकालिकता का जिसे बोध होता है वही सत्य की राह पर चलकर सत्य को जी सकता है, यह आत्मा त्रैकालिक एवं अविनाशी है” उपरोक्त उदगार चर्या शिरोमणि आचार्य विशुद्धसागर महाराज ने अतिशय क्षेत्र ग्राम हिरनई में व्यक्त किये। उन्होंने उपस्थित जन […]
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