सबसे ज़्यादा कर्म की निर्जरा में हेतु है तो वह स्वाध्याय है जिनवाणी है आचार्य श्री विनिश्चय सागर महाराज 

सबसे ज़्यादा कर्म की निर्जरा में हेतु है तो वह स्वाध्याय है जिनवाणी है आचार्य श्री विनिश्चय सागर महाराज  रामगंजमंडी शनिवार की प्रातः बेला में आचार्य श्री 108 विनिश्चय सागर महाराज ने ज्ञान के विषय में प्रकाश डाला उन्होंने कहा ज्ञान सुख को देता है और सुख का परिहार करता है। यह पूरे जीवन का […]

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