श्रेष्ट आचरण ही पूज्यता को प्राप्त होता है। आचार्य श्री 108 सुबल सागर जी महाराज

श्रेष्ट आचरण ही पूज्यता को प्राप्त होता है। आचार्य श्री 108 सुबल सागर जी महाराज चड़ीगढ़ दिगम्बर जैन महावीर मंदिर में रविवारीय धर्म सभा को संबोधित करते हुए गुरू महाराज कहा की भव्य प्राणियों ! इस संसार में पूज्य व्यक्ति कौन है? तो कहा है, जिस व्यक्ति का चरित्र श्रेष्ठ है, वही पूज्य है। चरित्र […]

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