शब्द ही व्यक्ति का व्यक्तित्व है।आचार्य श्री 108 सुबलसागर जी महाराज
शब्द ही व्यक्ति का व्यक्तित्व है।आचार्य श्री 108 सुबलसागर जी महाराज चडीगढ़ दिगम्बर जैन मंदिर में प्रातः कालीन धर्म सभा को संबोधित करते हुए आचार्य श्री 108 सुबलसागर जी महाराज कहा हे भव्य आत्माओं ! बोलना एक कला है। कब, कैसे, कहाँ, कितना, क्यों, किसलिए बोलना है| इस बात पर ध्यान रखने वाला व्यक्ति ही […]
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