विज्ञान का जितना भी अनुसरण है वह जैन धर्म का अनुसरण है आचार्य श्री विनिश्चय सागर महाराज 

विज्ञान का जितना भी अनुसरण है वह जैन धर्म का अनुसरण है आचार्य श्री विनिश्चय सागर महाराज            रामगंजमंडी  परम पूज्य आचार्य श्री 108 विनिश्चय सागर महाराज ने कहा मानव का मस्तिष्क सर्वांग होता है समर्पण के क्षेत्र में सबसे पहले मस्तिष्क को ही झुकाना पड़ता है। कोई व्यक्ति कितना भी […]

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