विचारों की दिशा बदलते ही दशा बदल जाती है |-108 निर्यापक श्रमण श्री समतासागर महाराज जी

विचारों की दिशा बदलते ही दशा बदल जाती है |-108 निर्यापक श्रमण श्री समतासागर महाराज जी डोंगरगढ़  “विचारों का संक्रमण दिन-रात चलता रहता है यदि विचार सकारात्मक दिशा में आगे बड़ते है तो बातावरण खुशहाल हो जाता है और वही विचार नकारात्मक होने लगते हैं तो जीवन बदहाल हो जाता है|” उपरोक्त उदगार निर्यापक श्रमण […]

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