वर्तमान स्थितियों को देखते हुए क्या वास्तविक रूप से जैन अनुयायी नगण्य हो जाएंगे* संजय जैन बड़जात्या
*वर्तमान स्थितियों को देखते हुए क्या वास्तविक रूप से जैन अनुयायी नगण्य हो जाएंगे* संजय जैन बड़जात्या *सन्तों व श्रावको को चिंतन, मनन व मंथन कर भावी योजनाएं बनानी चाहिए*जैन धर्मावलंबियों की संख्या लगातार कम होती जा रही है यह जनगणना के आंकड़े व्यक्त करते हैं। वास्तविक रूप से क्या आंकड़े हैं इसका अंदाजा लगाना […]
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