मेरा व्यवहार आप के व्यवहार पर निर्भर करता है –मुनि श्री सुप्रभ सागर जी महाराज
मेरा व्यवहार आप के व्यवहार पर निर्भर करता है –मुनि श्री सुप्रभ सागर जी महाराज सनावद:-, त्याग ओर वैराग्य के लिए जाने वाले नगर में साधुओं का निरन्तर आना चालू हे इसी क्रम में चर्या शिरोमणि पट्टाचार्य 108 श्री विशुद्धसागर जी महाराज के शिष्य मुनि श्री 108 प्रशमसागर जी महाराज मुनिश्री 108 सुप्रभसागर जी महाराज मुनिश्री […]
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