मायके के संस्कार और ससुराल के त्याग वैराग्य के वातावरण से दीक्षा के भाव परिणाम हुए दीक्षार्थी ब्रह मधुबाला पंचोलिया

मायके के संस्कार और ससुराल के त्याग वैराग्य के वातावरण से दीक्षा के भाव परिणाम हुए दीक्षार्थी ब्रह मधुबाला पंचोलिया सनावद जीवन के किसी भी पल में वैराग्य उपज सकता है संसार में रहकर प्राणी संसार को तज सकता है बिरला प्राणी ही वैराग्य के इन पलों को अपने जीवन में सुनकर ग्रहण कर आत्मसात […]

Read More