मनुष्य पर्याय पाने के लिए देवता भी तरसते हैं आचार्य विनिश्चयसागर महाराज
मनुष्य पर्याय पाने के लिए देवता भी तरसते हैं आचार्य विनिश्चयसागर महाराज भिण्ड सांसारिक प्राणी सदैव अपने दुखों का रोना रोता रहता है । वर्तमान में अधिकांशतः लोग दुखी रहते हैं, रोते रहते हैं, अपने भाग्य को कोसते रहते हैं, अपनी किस्मत को खराब कह हैं और वे कहते हैं कि हमारे पास तो कुछ […]
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