प्राणी मात्र के सुख दुख का कारण अज्ञानता है -मुनिश्री विलोकसागर

प्राणी मात्र के सुख दुख का कारण अज्ञानता है -मुनिश्री विलोकसागर मुरैना इस असार संसार में करोड़ो की संख्या में प्राणी जीवन यापन करते है। हम देखते है कि कुछ व्यक्ति सुख का अनुभव करते हैं और कुछ व्यक्ति दुख का अनुभव करते है । कुछ की प्रशंसा होती है, कुछ की आलोचना होती है […]

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