प्रमाद नहीं, पुरुषार्थ करोआचार्य श्री 108 सुबल सागर जी महाराज

प्रमाद नहीं, पुरुषार्थ करोआचार्य श्री 108 सुबल सागर जी महाराज चडीगढ़ दिगम्बर जैन मंदिर में ज्ञान, ध्यान तप में लीन आचार्य श्री सुबल सागर जी महाराज ने कहा कि हे धर्म स्नेही भव्य आत्माओं ! प्रमाद जीवन-उत्थान में महाशत्रु है। एक व्यक्ति प्रमाद शून्य होकर सम्यक पुरुषार्थ करे, तो वह विकास को प्राप्त कर लेगा। […]

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