विषय,कषाय, परिग्रह के कारण सभी दुखी हैं। धर्म को धारण करने वाला धर्मात्मा होता हैआचार्य श्री वर्धमान सागर जी श्रीनेमीनाथ भगवान का 46 द्रव्य से हुआ पंचामृत अभिषेक साबला से सलूबर की और बिहार 15को

विषय,कषाय, परिग्रह के कारण सभी दुखी हैं। धर्म को धारण करने वाला धर्मात्मा होता हैआचार्य श्री वर्धमान सागर जी श्रीनेमीनाथ भगवान का 46 द्रव्य से हुआ पंचामृत अभिषेक साबला से सलूबर की और बिहार 15को साबला संसार के प्राणी चलते चलते थक जाते हैं ।रास्ते में या घर पर जाकर विश्राम करते हैं ,तब उन्हें […]

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