कोमलता ,निर्मलता ,विनय उत्तम मार्दव धर्म है।मान जहर हैं,नम्रता,सरलता अमृत हैं आचार्य श्री वर्धमान सागर जी

कोमलता ,निर्मलता ,विनय उत्तम मार्दव धर्म है।मान जहर हैं,नम्रता,सरलता अमृत हैं आचार्य श्री वर्धमान सागर जी टोंक धर्म सभा में प्रवचन में आचार्य श्री ने बताया कि मार्दव धर्म कोमलता का सूचक है नर्म मिट्टी को कुंभकार मनचाहा रूप देता हैं आप भी जीवन में सरलता कोमलता से जीवन को मनचाहा आकार दे सकते हो,कृषक फसल लेने […]

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