धर्मात्मा का सम्मान ही धर्म का सम्मान हैआचार्य श्री सुबल सागर जी महाराज

धर्मात्मा का सम्मान ही धर्म का सम्मान हैआचार्य श्री सुबल सागर जी महाराज चंडीगढ़ सरल हृदयी व्यक्ति गुणी जनों को देखते ही प्रीति से लबालब भर जाते है। उन्हें यह सम्यक् ज्ञान है कि धर्मात्मा का सम्मान ही धर्म का सम्मान है, धर्म धर्मात्मा के अंदर ही पलता है, धर्मात्मा के बिना धर्म नहीं होता […]

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