देव शास्त्र गुरु धर्म कल्पवृक्ष है जिनवाणी कामधेनु है जिससे हमें सिद्धालय की राह मिलती हैं ।आचार्य श्री वर्धमान सागर जी

देव शास्त्र गुरु धर्म कल्पवृक्ष है जिनवाणी कामधेनु है जिससे हमें सिद्धालय की राह मिलती हैं ।आचार्य श्री वर्धमान सागर जी बांसवाड़ा पंचम पट्टाधीश आचार्य श्री वर्धमानसागर जी खांदूकालोनी बांसवाड़ा में संघ सहित विराजित हैं आज की धर्मसभा में मंगल देशना में बताया कि वर्तमान में कर्मभूमि का काल चल रहा है इसके पूर्व भोगभूमि […]

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