देव शास्त्र और गुरुओं के प्रति श्रद्धा ,भक्ति,और विनय मोक्ष के द्वार की चाबी है ।आचार्य श्री वर्धमान सागर जी
देव शास्त्र और गुरुओं के प्रति श्रद्धा ,भक्ति,और विनय मोक्ष के द्वार की चाबी है ।आचार्य श्री वर्धमान सागर जी धरियावद जिला प्रतापगढ़ धैर्य,धीरज का फल मीठा होता है।आप काफी वर्षों से प्रतीक्षा कर रहे हैं,तीर्थंकरों की वाणी साक्षात में सुनने को नहीं मिलती है किंतु उनके द्वारा प्रतिपादित उपदेश जिनवाणी ओर गुरुओं के माध्यम […]
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