तीर्थंकर नाम कर्म के बंध के लिए सातिशय पुण्य जरूरी आचार्य श्री वर्धमान सागर जी

तीर्थंकर नाम कर्म के बंध के लिए सातिशय पुण्य जरूरी आचार्य श्री वर्धमान सागर जी सलूंबर जो प्राणी दर्शन ,विशुद्धि सोलह कारण भावना का चिंतन जीवन में करते हैं ,जगत के प्राणी सुखी कैसे हो इस मंगल भावना करते हैं वह जीव तीर्थंकर नाम कर्म प्रकृति का बंघ करते हैं।         प्रथम […]

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