सम्यक दर्शन, ज्ञान चारित्र, अहिंसा तप संयम से मोक्ष की राह मिलती हैं आचार्य श्री वर्धमान सागर जी

सम्यक दर्शन, ज्ञान चारित्र, अहिंसा तप संयम से मोक्ष की राह मिलती हैं आचार्य श्री वर्धमान सागर जी बांसवाड़ा।  भगवान आदिनाथ से लेकर महावीर स्वामी अंतिम तीर्थंकर हुए हैं।सभी ने धर्म देशना दी। संसार में सब प्राणी रोगी हैं संसारी प्राणी विषय कषाय राग द्वेष के कारण रोगी है और इस रोग को दूर करने […]

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