जिनालयों में देव शास्त्र गुरु की आराधना से पुण्य अर्जित होकर पाप कर्मों का क्षय होता है आचार्य श्री वर्धमान सागर जी 

जिनालयों में देव शास्त्र गुरु की आराधना से पुण्य अर्जित होकर पाप कर्मों का क्षय होता है आचार्य श्री वर्धमान सागर जी  टोंक जिनवाणी के बदले वर्तमान में जनवाणी प्रचलित होने से आगम का शब्द शब्द पालन नहीं हो रहा है, इस कारण जीवन में दुख है। क्षमावणी पर्व पर जिनवाणी का पालन नहीं करने के […]

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