जहां वात्सल्य एवं प्रेम भाव हैं वहीं पर धन और सफलता ठहरती है- आर्यिकारत्न विज्ञमती माताजी!

जहां वात्सल्य एवं प्रेम भाव हैं वहीं पर धन और सफलता ठहरती है- आर्यिकारत्न विज्ञमती माताजी! आगरा, दि.19/06/24, आर्यिकारत्न राष्ट्र गौरव गणिनी आर्यिका105 विशुद्धमति माताजी के संघ का आज मंगल प्रवेश आगरा दिगम्बर जैन परिषद के त्रिदिवसीय आयोजन में प्राचीन नसिया परिसर पीर कल्यानी मे हुआ!       इस अवसर पर संघ की पट्ट […]

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