छोड़़ना है तो पूरा छोड़ो – भोजन हो या साथ..दोनों चीजें आधी अधूरी छोड़ना अच्छे इन्सान की पहचान नहीं है..अन्तर्मना आचार्य प्रसन्न सागरजी महाराज/

छोड़़ना है तो पूरा छोड़ो – भोजन हो या साथ..दोनों चीजें आधी अधूरी छोड़ना अच्छे इन्सान की पहचान नहीं है..अन्तर्मना आचार्य प्रसन्न सागरजी महाराज/ कुलचाराम हैदराबाद छोड़़ना है तो पूरा छोड़ो – भोजन हो या साथ..दोनों चीजें आधी अधूरी छोड़ना अच्छे इन्सान की पहचान नहीं है..!*   अंतरमना आचार्य श्री 108 प्रसन्न सागर महाराज ने […]

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