छल, कपट और दिखावे को त्यागकर सरल वाणी बोलना ही आर्जव धर्म- मुनि श्री प्रणीत सागर**पर्युषण पर्व के तृतीयदिवस पर उत्तमआर्जव धर्म की हुई पूजन-*

*छल, कपट और दिखावे को त्यागकर सरल वाणी बोलना ही आर्जव धर्म- मुनि श्री प्रणीत सागर**पर्युषण पर्व के तृतीयदिवस पर उत्तमआर्जव धर्म की हुई पूजन-* देवली,धर्मनगरी देवली मे विवेकानंद कॉलोनी स्थित पार्श्वनाथ धर्मशाला में परम पूज्य मुनि श्री 108 प्रणीत सागर जी महाराज एवं क्षुल्लक 105 श्री विधेय सागर जी महाराज के सान्निध्य में चल […]

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