ज्ञान ,चारित्र के साथ संयम धारण करके कषाय और शरीर को क्रश कर संलेखना धारण करने से मनुष्य जीवन सार्थक होता है——-आचार्य श्री वर्धमान सागर जी
ज्ञान ,चारित्र के साथ संयम धारण करके कषाय और शरीर को क्रश कर संलेखना धारण करने से मनुष्य जीवन सार्थक होता है——-आचार्य श्री वर्धमान सागर जी बांसवाड़ा वर्तमान में तीर्थंकरों का जिन शासन चल रहा है इसमें जीव अपना कल्याण कर सकते हैं श्रावक को श्रद्धावान ,विवेकवान और क्रियावान होना चाहिए। ऐसे श्रावक देव शास्त्र […]
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