धर्म से जीवन श्रेष्ठ बनता है इसलिए धर्म को सुनकर ,ग्रहण कर,चिंतन कर जीवन में उपयोग कर मनुष्य जीवन को सार्थक करें आचार्य श्री वर्धमान सागर जी
धर्म से जीवन श्रेष्ठ बनता है इसलिए धर्म को सुनकर ,ग्रहण कर,चिंतन कर जीवन में उपयोग कर मनुष्य जीवन को सार्थक करें आचार्य श्री वर्धमान सागर जी पारसोला पंचम पट्टाघीश आचार्य श्री वर्धमान सागर जी महाराज पारसोला सन्मति भवन में संघ सहित विराजित है। प्रतिदिन धार्मिक अनुष्ठान के अंतर्गत प्रातकाल पंचामृत अभिषेक के पश्चात धर्म […]
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