गुरु के वचनों को मात्र सुने ही नहीं उसे गुनना आवश्यक है निर्वेग महाराज

गुरु के वचनों को मात्र सुने ही नहीं उसे गुनना आवश्यक है निर्वेग महाराज इंदौर गुरु के वचनों को मात्र सुनें ही नहीं उसको गुनना आवश्यक है” उपरोक्त उदगार संत शिरोमणि आचार्य श्री विद्यासागरजी महाराज के शिष्य मुनि श्री निर्वेगसागर महाराज ने तुलसीनगर मेंप्रातःकालीन धर्मसभा में व्यक्त किये। मुनि श्री ने कहा कि संसार के […]

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