कुटिलता दुःखका द्वार सरलता सुख का आधार आचार्य श्री विशुद्धसागर महाराज

कुटिलता दुःखका द्वार सरलता सुख का आधार आचार्य श्री विशुद्धसागर महाराज बड़ौत आचार्य श्री विशुद्धसागर महाराज ने धर्मसभा में सम्बोधन करते हुए कहा कि कुटिलता छोड़ना, मायाचारी का त्याग करना, सबलता पूर्वक आचरण करना ही ‘आर्जव धर्म’ है।   कुटिल विचार नहीं करना, कुटिल कार्य नहीं करना, कुटिल चर्चा नहीं करना, कुटिल बात नहीं बोलना, […]

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