कुटिलता का त्याग करना आर्जव धर्म है आचार्य श्री वर्धमान सागर जी
कुटिलता का त्याग करना आर्जव धर्म है आचार्य श्री वर्धमान सागर जी उदयपुर मन ,वचन , काय की कुटिलता का त्याग करके चित मन में सरल निष्कपट भाव धारण करना आर्जव धर्म है । आर्जव आत्मा का स्वभाव है महापर्व के अंतर्गत 10 लक्षण धर्म की पूजा करते हैं किसी भी उच्च स्थान लक्ष्य को […]
Read More