तप करो, कर्म कलंक दूर करों विशुद्ध सागर महाराज

तप करो, कर्म कलंक दूर करों विशुद्ध सागर महाराज बड़ौत (उ.प्र.) आचार्य श्री विशुद्धसागर गुरुदेव ने धर्मसभा में सम्बोधन करते हुए कहा कि-” तप वही श्रेष्ठ है, जो कर्मक्षय के लिए लपा जाए। आत्म भावना पूर्वक विविध प्रकार के काय-कलेश समता पूर्वक सहन करना ‘तप’ है। विषय-कषायों का निग्रह करते हुए, ध्यान- अध्ययन के साथ, […]

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