कर्तव्यों का सम्यक निवर्हन ही सच्चा धर्म है: आर्यिका विभाश्री
कर्तव्यों का सम्यक निवर्हन ही सच्चा धर्म है: आर्यिका विभाश्री रांची श्री दिगम्बर जैन वासुपूज्य जिनालय के प्रांगण में गणिनी आर्यिका105 विभाश्री माताजी ने अपने प्रवचन में कहा- कर्तव्यों का पालन करने से धर्म का निर्वाह स्वयं हो जायेगा, क्योंकि मनुष्य का असली धर्म कर्तव्यों का निष्ठा के साथ पालन करना है।आचार्य नेमीचन्द्र सिद्धान्त चक्रवर्ती […]
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