आर्यिका 105 श्री आर्षमति माताजी और भावलिंगी आचार्य श्री विमर्श सागर महाराज का हुआ समागम पुण्य जीव और पाप जीव में अंतर. विमर्श सागर महाराज

आर्यिका 105 श्री आर्षमति माताजी और भावलिंगी आचार्य श्री विमर्श सागर महाराज का हुआ समागम पुण्य जीव और पाप जीव में अंतर. विमर्श सागर महाराज आगरा भावलिंगी संत श्रमणाचार्य श्री 108 विमर्शमागर जी महामुनिराज उत्तरप्रदेश की धर्मनगरी आगरा के छीपीटोला श्री चन्द्रप्रभ जैन मंदिर विराग भवन में विराजमान हैं। आज सुबह आचार्य श्री विमर्शसागर जी […]

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