आत्मा की उन्नति ऊंचाई के लिए संयम रूपी ऊर्जा शक्ति जरूरी है ।तीर्थंकर पद भी संयम धारण किए बिना नहीं मिलता हैं।आचार्य श्री वर्धमान सागर जी 

आत्मा की उन्नति ऊंचाई के लिए संयम रूपी ऊर्जा शक्ति जरूरी है ।तीर्थंकर पद भी संयम धारण किए बिना नहीं मिलता हैं।आचार्य श्री वर्धमान सागर जी  टोंक संयम में साधु के लिए बताया गया है कि व्रत धारण कर समिति का, गुप्ती का महाव्रतों का पालन कर कषायो का निग्रह कर इंद्रियों पर विजय प्राप्त […]

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