अपने अस्तित्व को जिंदा रखना है तो पुण्य कर्म जरूरी- आचार्य श्री वर्धमान सागर जी

अपने अस्तित्व को जिंदा रखना है तो पुण्य कर्म जरूरी- आचार्य श्री वर्धमान सागर जी उदयपुर हुमड भवन में विराजित वात्सल्य वारिधि आचार्य श्री वर्धमान सागर जी महाराज ने प्रात कालीन धर्म सभा में उपस्थित श्रावकों से विभिन्न विषयों के बारे में चर्चा करते हुए कहां की मुस्कुराने पर मुंह से आवाज नहीं होती। लेकिन […]

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