अन्तर्मना उवाच* (13 जून!) आँख में पड़ा तिनका, पैर में लगा काँटा..**रूई में दबी आग और मन में छुपा पाप बहुत भयानक है..!*

*अन्तर्मना उवाच* (13 जून!) आँख में पड़ा तिनका, पैर में लगा काँटा..**रूई में दबी आग और मन में छुपा पाप बहुत भयानक है..!* *आँख में पड़ा तिनका, पैर में लगा काँटा..* *रूई में दबी आग और मन में छुपा पाप बहुत भयानक है..!* मन का स्वभाव है कि वह नया माँगता है। *मन सदा नया […]

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