अन्तर्मना उवाच* (12 जुलाई!) जहाँ पेड़ और पानी हो..* *वहाँ हरियाली अपने आप आ आती है..!
*अन्तर्मना उवाच* (12 जुलाई!) जहाँ पेड़ और पानी हो..* *वहाँ हरियाली अपने आप आ आती है..! जीवन भी ऐसा ही है। *जहाँ मन की शान्ति, चेहरे की प्रसन्नता और हृदय की पवित्रता हो, वहाँ जीवन में अपने आप शान्ति आ जाती है।* इसलिये जीने का एक पवित्र उद्देश्य होना चाहिए। *जीवन की एक मंजिल व […]
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